भागवत विद्वानों को किया *भागवत रत्न ” से अलंकृत

भागवत विद्वानों को किया *भागवत रत्न ” से अलंकृत

रिपोर्ट:- सोनू गौड़

श्रीमद भागवत जयंती समारोह में भागवत विद्वानों को *भागवत रत्न ” से अलंकृत व वर्तमान परिपेक्ष्य में श्रीमद्भागवत की प्रासंगिकता विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

श्रीमद भागवत कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में श्रीराधाकान्त मंदिर में श्रीमद्भागवत जयंती समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें भागवत के 5 विद्वानों को “भागवत रत्न” से अलंकृत कर सम्मानित किया गया। समारोह में सर्वप्रथम स्वस्तिबाचन के उपरांत महापुराण का पूजन अर्चंन वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य किया गया तदुपरांत मंगलदीप प्रज्ज्वलन आचार्य विष्णुकांत शास्त्री, समिति संस्थापक पं. अमित भारद्वाज एवम समारोह प्रमुख आचार्य मृदुलकांत शास्त्री ने संयुक्त रूप से कर विधिवत शुभारंभ किया। “वर्तमान परिपेक्ष्य में श्रीमदभागवत की प्रासंगिकता” विषय पर संगोष्ठी मे वक्ताओं ने कहा कि की भागवत भक्ति, ज्ञान, वैराग्य एवम भूत भविष्य वर्तमान का त्रिवेणी संगम है। इसकी प्रासंगिकता सदैव है , यह मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला चैतन्य ग्रंथ है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए डा, अच्युत लाल भट्ट ने कहा की वक्ता द्वारा श्रोता को तत्व ज्ञान कराना ही कथा की सार्थकता है। उन्होंने संगीत के अति चलन पर भी चिंता प्रकट की।
गोष्ठी को आनंद वल्लभ गोस्वामी. नेत्रपाल शास्त्री, महंत प्रेमदास शास्त्री, आचार्य बद्रीश, डा. मनोज मोहन शास्त्री आदि ने संबोधित किया। समारोह में प्रमुख रूप से लक्ष्मीकांत शास्त्रो, सुमंतकृष्ण शास्त्री, घनश्याम हरियाणा, श्रीकृष्ण शास्त्री ब्रजवासी, पं. विनोद गौड़, संजय पंडित, बिहारी लाल गौड़, अजय शर्मा आदि सहित अनेक पांडित्यजन, विद्वतजन शामिल हुए। समारोह का संचालन साहित्य मंत्री राधाबिहारी गोस्वामी ने एवम आभार व्यक्त समिति अध्यक्ष पं. शशांक पाठक ने किया।  पंडित अमित भारद्वाज (समिति संस्थापक) श्रीमद भागवत कथा आयोजन समिति (रजि.) मथुरा

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