क्रिकेट में पहली बार पवेलियन से वापस आकर खिलाड़ी ने की बैटिंग

क्रिकेट में पहली बार पवेलियन से वापस आकर खिलाड़ी ने की बैटिंग

रिपोर्ट:- श्रीगोपाल सिसौदिया

पहले बल्लेबाज कैच आउट होकर पवेलियन लौट गया था। लेकिन गेंद नो बॉल निकली और फिर अंपायरों ने उसे वापस बुलाकर बल्लेबाजी कराई।

वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड के बीच सेंट लूसिया में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के पहले दिन एक दिलचस्प वाकया हुआ। इंग्लैंड के ऑलराउंडर बने स्टोक्स को वेस्ट इंडीज के तेज गेंदबाज अलजारी जोसेफ ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट कर पवेलियन भेज दिया। बेन स्टोक्स पवेलियन में पहुंच गए थे और क्रीज पर उनका स्थान लेने के लिए जॉनी बेयरस्टॉ पहुंच चुके थे। लेकिन तभी अंपायरों को पता चला कि बेन स्टोक्स जिस गेंद पर आउट हुए हैं वह नो बॉल थी। विचार विमर्श के बाद अंपायरों ने बेन स्टोक्स के पास सूचना भिजवाई की वह आकर फिर से बल्लेबाजी करें।

स्टोक्स पवेलियन से वापस क्रीज पर लौटे
दरअसल, सेंट लूसिया के ग्रॉस आईलेट में खेले जा रहे इस टेस्‍ट मैच में अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट परिषद के एक बदले हुए नियम ने बेन स्‍टोक्‍स को आउट होने से बचा लिया। संभवत क्रिकेट में ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई बल्‍लेबाज आउट होने के बाद ड्रेसिंग रूम तक पहुंच गया हो और उसका स्थान लेने के लिए दूसरा बल्‍लेबाज मैदान में आ गया हो, इसके बाद उस बल्‍लेबाज को ड्रेसिंग रूम से वापस बुला कर बल्लेबाजी करने के लिए कहा गया हो। जब बेन स्टोक्स को अलजारी जोसेफ ने नो बॉल गेंद पर कैच आउट किया तो उस समय उन्होंने 88 गेंदों में 52 रन बनाए थे।

पहले क्या कहता था आईसीसी का नियम?
दरअसल, पहले नियम था कि किसी बल्‍लेबाज के मैदान से आउट होकर एक बार बाहर चले जाने के बाद उसे वापस नहीं बुलाया जा सकता फिर चाहे गेंद नोबॉल ही क्यों न रही हो। लेकिन अप्रैल 2017 में क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्‍था मेरिलबोन क्रिकेट क्‍लब ने इस नियम यानी आईसीसी की आचार संहिता की धारा 31.7 में संशोधन किया। अब नया नियम बल्लेबाज के ‘गलतफहमी में विकेट छोड़ देने’ का एक रास्‍ता खुला रखता है। यह नया नियम अक्‍टूबर 2017 से लागू हुआ था जो सभी बड़े मैचों में टेलीविजन रिप्‍ले की मौजूदगी होना भी जरूरी बनाता है।

इस नियम के मुताबिक, ‘अगर अंपायर इस बात से संतुष्‍ट है कि किसी बल्‍लेबाज को आउट नहीं दिया गया और वह गलतफहमी में बाहर चला गया है तो वह दखल देते हुए खिलाड़ी को वापस बुला सकता है। ऐसे में अंपायर फौरन उस गेंद को डेड बॉल करार देगा ताकि गेंदबाजी करने वाली टीम आगे कोई कार्रवाई न कर सके और बल्‍लेबाज को बुला लेगा। अगली गेंद डाले जाने से पहले तक अंपायर बल्‍लेबाज को बुला सकता है बस वह पारी का आखिरी विकेट न हो। पारी का आखिरी विकेट होने की स्थिति में भी बल्‍लेबाज को वापस बुलाया जा सकता है बशर्ते अंपायरों ने मैदान न छोड़ा हो।’

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