25 हजार के लिए बेचना पड़ा जिगर का टुकड़ा, दोनों थे मजबूर, जानें वजह

25 हजार के लिए बेचना पड़ा जिगर का टुकड़ा, दोनों थे मजबूर, जानें वजह

रिपोर्ट:- श्रीगोपाल सिसौदिया

नौ माह तक गर्भ में पालने वाली मां ने गरीबी से लाचार होकर अपने जिगर के टुकड़े को पैदा होते ही बेच दिया। बच्चा खरीदने वाला दंपति नि: संतान था इसलिए मजबूरन बच्चा खरीदना पड़ा। चतरा जिले की पुलिस ने इस मामले में खरीदार दंपति को गिरफ्तार कर लिया है जबकि महिला बिचौलिया फरार है।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि के तेलयाडीह पंचायत स्थित खधैया गांव निवासी बिरेन्द्र राम की पत्नी सीमा ने 14 जनवरी को टंडवा के सरकारी अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया था। उसका पति मुंबई में मजदूरी करता है। सीमा की गरीबी का फायदा उठाकर एक महिला बिचौलिया ने उसके बच्चे का सौदा करा दिया। महज 25 हजार रुपए में सीमा ने नवजात बेटे को मोहम्मद इकरामुल और उसकी पत्नी सबाना खातून को बेच दिया।

सूचना मिलने के बाद हरकत में आई पुलिस
सरकारी अस्पताल से बच्चा बेचे जाने की सूचना पर स्थानीय पुलिस हरकत में आई। इसके बाद नवजात को शुक्रवार की रात जिले के मयूरहंड से मोहम्मद इकरामुल के घर से बरामद कर लिया गया। इस मामले में पुलिस ने इकरामुल और इसकी पत्नी सबाना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मां ने दर्ज कराया केस
इस मामले में बच्चे की मां सीमा देवी के बयान पर टंडवा थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। सीमा ने बताया कि पिछले 14 जनवरी को टंडवा अस्पताल में उसने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया था। 21 जनवरी को 25 हजार रुपए में उसका बेटा बिक गया। ग्रामीणों के अनुसार महिला का पति मुंबई से गांव लौटा तो परिजनों के संग अपने बेटे की खोजबीन में जुट गया। इंस्पेक्टर सुधीर चौधरी ने बताया कि नवजात को एक महिला दलाल ने मयूरहंड निवासी इकरामुल के पास बेच दिया था। पुलिस ने शुक्रवार की रात में ही छापेमारी कर बच्चे को बरामद कर लिया।

बेटे की चाहत में इकरामुल ने खरीदा बच्चा
इकरामुल चतरा जिले के मयूरहंड प्रखंड के महेशा गांव का रहने वाला है। पांच साल पूर्व निकाह होने के बाद भी उसे कोई संतान नहीं थी। इस कमी को पूरा करने के लिए उसने सीमा के नवजात बेटे को खरीदा था। आरोपी इकरामुल एनटीपीसी पावर प्लांट में मुस्कान कंपनी का कर्मचारी है और टंडवा में रहता है।

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